जेल अभिरक्षा में अस्पताल भेजे गए सजायाफ्ता बन्दी की मौत : लखनऊ जेल में थम नही रहा बन्दियों की मौत का सिलसिला
जेल अभिरक्षा से इलाज के लिए शुक्रवार को अस्पताल भेजे गए कैदी की मौत हो गयी। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। चर्चा है कि बन्दी की मौत जेल में ही हो गयी थी किसी अनहोनी से बचने के अधिकारियों ने आनन-फानन में बन्दी की जेल गार्ड से बलरामपुर अस्पताल भेज दिया।
लखनऊ। पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए बन्दी की घटना पर अभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही हो नहीं पाई थी कि जेल अभिरक्षा से इलाज के लिए शुक्रवार को अस्पताल भेजे गए कैदी की मौत हो गयी। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। चर्चा है कि बन्दी की मौत जेल में ही हो गयी थी किसी अनहोनी से बचने के अधिकारियों ने आनन-फानन में बन्दी की जेल गार्ड से बलरामपुर अस्पताल भेज दिया।
स्थानांतरित होकर आए बन्दी को लगा दिया काम पर : मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ में सजायाफ्ता कैदी राकेश रावत की शुक्रवार को जेल में तबियत बिगड़ गयी। सूत्रों का कहना है कि चेस्ट पेन से पीड़ित कैदी को तत्काल उपचार देने के बजाय जेल चिकित्सक उसको इधर उधर भटकाते रहे। इस दौरान कैदी की हालत और अधिक बिगड़ गयी। जेल चिकित्सक ने कैदी राकेश रावत को आनन-फानन में जीवनरक्षार्थ जेल गार्ड से बलरामपुर अस्पताल भेज दिया गया। बलरामपुर अस्पताल पहुँचे कैदी राकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दो घंटे के अल्प उपचार के बाद बलरामपुर अस्पताल भेजे गए कैदी की मौत ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए है। कयास लगाए जा रहे है कि जेल अस्पताल में उपचार के दौरान ही बन्दी की मौत हो गयी थी। बवाल के डर से बन्दी को बलरामपुर अस्पताल भेज दिया गया।
एक पखवारा पूर्व लखनऊ जेल का एक बन्दी जिसको उपचार के लिए केजीएमयू में भर्ती कराया गया था पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस मामले में जेल प्रशासन ने पुलिस अभिरक्षा से हुई फरारी कहकर जेल के दोषी अधिकारियों को बचा लिया। इस मामले में विभाग के आला-अफसर कार्यवाही कर भी नही पाए थे कि पिछले 10 दिनों के अंदर दो बन्दियों की संदिग्ध मौत की घटना ने जेल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। उधर इस संबंध में जेल प्रशासन के अधिकारियों ने कैदी राकेश रावत की मौत होने की पुष्टि तो की लेकिन इसके अलावा इस पर और कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
राकेश यादव
स्वतंत्र पत्रकार
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