सावन का तीज त्यौहार, मिल सखियों संग मनाया

हरा भरा सावन – सखियों के मन को भाये सावन

सावन का तीज त्यौहार, मिल सखियों संग मनाया
हरियाली तीज

हरियाली तीज के उपलक्ष में “सावन की तीज” त्योहार का रंगारंग कार्यक्रम निर्मला सिंह की अध्यक्षता में दिनांक 23/08/2025 दिन शनिवार को इण्डियन हेल्पलाइन की प्रबंध सम्पादिका “सुनीता दोहरे” के निवास स्थान पर सुचारु रूप से सम्प्पन हुआ l जिसका शीर्षक "हरा भरा सावन – सखियों के मन को भाये सावन" रखा गया था.

देखा जाए तो तीज भारत भर में महिलाओं द्वारा मनाए जाने वाले सबसे रोमांचक और रंगीन त्योहारों में से एक है।

किटी में तीज फंक्शन का महत्व महिलाओं को एकजुट होने, पारंपरिक रीति-रिवाजों को मनाने और हंसी-मजाक से भरपूर गतिविधियों का आनंद लेने का अवसर देना है। यह मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल के साथ-साथ देवी पार्वती और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक तरीका है, जो महिलाओं को परंपरा से जुड़ने और अपनी खुशी साझा करने में मदद करता है।

सावन तीज उत्सव में रंगारंग कार्यक्रम के अंतर्गत ……

सावन तीज क्वीन- विनर / शशी तिवारी

तीज क्वीन-फर्स्ट रनरअप/ गुड्डी रानी

तीज क्वीन-सेकंड रनर अप / सरिता वर्मा चुनी गई l 

पारंपरिक हरे रंग के परिधान पहनने से लेकर खूबसूरत मेहंदी लगाने और स्वादिष्ट त्योहारों का आनंद लेने तक, तीज का त्यौहार मस्ती, बंधन और हंसी-मजाक का प्रतीक है। और जब बात उत्सव में और भी मज़ा जोड़ने की हो, तो रोमांचक खेलों से भरपूर एक सुनियोजित तीज किटी पार्टी से बेहतर कुछ नहीं हो सकता !

तीज किटी पार्टी महिलाओं के बीच दोस्ती, बंधन और हंसी-मजाक का प्रतीक है। एक सुनियोजित तीज किटी पार्टी रोमांचक खेलों से भरपूर होती है, जो महिलाओं को मनोरंजन प्रदान करती है और अविस्मरणीय यादें बनाती हैं

भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में सोलह श्रृंगार एवं हरे परिधान और हरे रंग को महत्ता दी गई l सोलह सिंगार में मेहंदी ,महावर ,हरी चूड़ियों, बिंदी, सिंदूर, काजल, मांग टीका, नथ, झुमके, हार, बाजूबंद, चूड़ियां, अंगूठी, कमरबंद, पायल, बिछुआ, गजरा, अल्ता, और सुगन्ध या इत्र शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक का अपना सांस्कृतिक महत्व है, जैसे सौभाग्य, पवित्रता, और सौंदर्य।

किटी में तीज फंक्शन महिलाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का मौका देता है, जिससे वे पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक जीवनशैली के बीच संतुलन बना पाती हैं।

सुनीता दोहरे” ने तीज क्वीन बनी “शशी तिवारी” को स्वलिखित रचना को सुनाकर बधाई सन्देश दिया

कार्यक्रम के दौरान हर साल की तरह इस बार भी सुनीता दोहरे ने अपनी स्वलिखित रचनाओं को सभी सखियों के लिए “कुछ शब्द” कहे  जिसे आप भी पढ़िए और लुफ्त उठाइये l.....

1- शशी तिवारी

तुम लम्हे के दुख सुख मैं साथ रही हो,

तुमसे मेरे दिल का खुलना,सूनापन तन्हाई सिये हो,

सब बातों की बांध पिटारी,हल्की सी तुरपाई किए हो,

ग़मो को चादर जब भी ओढ़ी मैने,बन छाया तुम छाँव किए हो,

तुम सखी हो प्रिय सखी बनकर, मुझसे एक नया आकर सिये हो l

2- करिश्मा दोहरे..

नाक पे नथुनी, आँख में काजल, गले पड़ा हो कुंदन हार

एक बार फिर जानेमन तू, कर दुल्हन सा शृंगार

केश लगा ले गजरा झीना, महक उठे ये घर संसार

हांथों में मेहंदी, अंगुली मुंदरी, पहन कलाई चूड़ी लाल

पैर आलता, पाँव में बिछिया,रस घोले पायल झंकार

सावन सी हरियाली तू है, तेरा खुशियों से भर जाए संसार

 

3- मंजू श्रीवास्तव

इन झील सी आँखों वाली सुंदरी के,

अंदाज -ए- बयां कुछ ऐसे हैं

कुछ डूब गए, कुछ तैर गए,

कुछ पार उतर के बैठे हैं l

4- मीनू श्रीवास्तव

बालों में गजरा पहन सखी,

 तू भूरी बदली लगती है

कानों में कुंडल पहन सखी,

 सरगम सी तू बजती है 

जब भी करे श्रंगार सखी,

तू एक अप्सरा लगती है

 

5- अर्चना श्रीवास्तव

सुनो प्रेम की बहती नदिया हो तुम

जैसे पिछले जन्म की, प्यारी सी बहिना हो तुम

हरदम रहना संग में मेरे,स्नेही प्रीत मृदुलता सी

अब और कहूँ क्या दिलबर मेरी,

जैसे मेरे दिल में बस गई इक मूरत सी

6- पिंकी शर्मा

हे कसम प्रीत को ,गर प्रेम कहूं तो सुन भी लेना

बीते तुम संग पल छिन मेरे, सखी कहूं तो सुन भी लेना

दिल खोलकर खड़ी हुई हू, गर प्रेम कहूं तो सुन भी लेना

हाथ बढ़ाकर हाथ थामना, कही हाथ छोड़कर चल न देना l

7- अनीता सेठ

तेरी सादगी की क्या मिसाल दूँ,

तेरा रूप है जैसे एक सादगी।

तेरा हुस्न है जैसे आईना,

तू जवाब का भी जवाब है।

तू बेमिसाल है, तू लाजवाब है, तू… लाजवाबा।

8- निर्मला सिंह

“जो हम समझ सके वो बात है आप में,

चेहरे पे नूर है वो आफ़ताब है आप में,

तोड़ देते हैं लोग रिश्ते बना कर यूँ ही,

जो कभी ना तोड़े दिलों को, ऐसी बात है आप में।

9- सरिता वर्मा

"तुमआ जाओ तो महफिल में रौनक हो जाए,

और तुम चली जाओ तो भरी महफिल में तन्हाई हो जाए ।

ऐ दोस्त अब क्या लिखूं तेरी,तारीफ में

बस बडी खास है तू मेरी जिंदगी में।

 

10- सुरभी वर्मा

बेशक थोड़ा इंतजार मिला हमको लेकिन,

दुनिया का सबसे हसीन दान मिला हमको

न रही तमन्ना अब किसी जन्नत की हमे,

तुझ जैसी बेटी पाकर ईश्वर का वरदान मिला हमको ।

जब भी थक जाती हूं मैं, तू मेरा सहारा होती  है ।

तुझमें और मुझमें बस फर्क है इतना,

मां होकर भी मैं उलझी ऐसी कि सुलझ न पाई,

और तुमने तो मुझे समूचा सम्भाल रक्खा है ।

11- गुड्डी रानी

मेरी प्यारी बहन हो तुम.....

कभी छोटी, कभी बड़ी भी

कभी दोस्त, कभी दुश्मन भी

मेरी बारूद भी और फुलझड़ी भी

सारे दुःख और सुख की कान

और मेरी अनकही बातों की जुबान

सबसे ज्यादा नासमझ और समझदार भी

मेरी सारी कहानियों का शुरू और अंत भी

इस दुनिया में सबसे अनोखी हो तुम

ऐसी ही मेरी प्यारी बहन हो तुम...

12- सुनीता वर्मा

हमारी दोस्ती तो ऐ दोस्त, एक दूजे से ही पूरी है

और कहते हैं कि रास्ते के बिना तो मंज़िल अधूरी है।

सुन सखी ना तुम दूर जाना,  ना हम दूर जाएंगे,

रब दी कसम !अपने-अपने हिस्से की दोस्ती हम निभाएंगे

    

13- माया रानी

मोगरा के फूलों-सा ताज़ा रहता है समां मेरा ,

जब भी मिल जाता है ए-दोस्त साथ तेरा।

इन खिलखिलाते बच्चों की तरह, हम दोनों भी मुस्काएं

ईश्वर के दिए जीवन का हर पल, तेरे साथ ही बिताएं।

14- शारदा सिंह

आज यूँ ही फिर से दिल पूछ बैठा अपनी ही तस्वीर से,

सुन क्या खोया तूने और क्या पाया है तकदीर से l

रूह मुस्कराई और बोली, तेरी तस्वीर दिल मे बसा कर,

मेने शारदा जी जैसा प्यारा सा दोस्त पाया है दुनियां की भीड़ से

15- रीना चौधरी

बिन तेरे किटी की हर शाम, हर खुशी अधूरी है,

फिर सोच के देख, हर किट्टी के लिए तू कितनी जरूरी है l

इससे ज़्यादा तुझे और कितना समझाऊँ मैं,

जो बात तुझमें है, सखी वह किसी और में कहां l

प्रोग्राम के अंत में  तीज क्वीन बनीं "शशी तिवारी"  जो कि  "सुनीता दोहरे" के लिए भी चंद लाइनें लिखकर लाईं थीं उन्हें पढ़कर "शशी तिवारी" ने सुनाया l जिन्हें आप भी पढिए ... 

सुनीता दोहरे 

जब यार तूने उठाकर अपनी घनेरी ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे,

तब-तब मैं ने अपने दिल में लाखों ख़याल बाँधे l

यूँ सरेआम कोई अजनबी अब  ख़ास हो रहा है,

न जाने क्यूँ लगता है फिर.......प्यार हो रहा है l

आंनद शर्मा 
सम्पादक / सरस्वती मंथन न्यूज़
फोन नंबर - 95657 46527