"विश्व वन्यजीव दिवस पर लखनऊ ज़ू में छात्रों का शैक्षिक भ्रमण, संरक्षण का लिया संकल्प"
लखनऊ विश्व वन्यजीव दिवस (3 मार्च) के उपलक्ष्य में 4 मार्च 2025 को नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ के जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के 80 छात्र-छात्राओं ने नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान (लखनऊ ज़ू) का शैक्षिक भ्रमण किया। प्राचार्य प्रो. देवेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन का उद्देश्य वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस वर्ष की थीम "वन्यजीव संरक्षण वित्त: जनमानस और ग्रह में निवेश" पर आधारित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न जीवों एवं वनस्पतियों का अध्ययन कर संरक्षण का संकल्प लिया और आगंतुकों को जागरूक किया।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु नेशनल पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण
लखनऊ। 4 मार्च 2025 - प्रतिवर्ष 3 मार्च को ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर वन्यजीवों एवं पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी क्रम में, नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ के जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के 80 छात्र-छात्राओं द्वारा दिनांक 4 मार्च 2025 को नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान (लखनऊ ज़ू) का शैक्षिक भ्रमण किया गया।
यह भ्रमण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण समस्त जैव विविधता एवं पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें उन सभी प्रजातियों की सुरक्षा हेतु प्रेरित करता है जो विलुप्ति के खतरे में हैं।
जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि विश्व वन्यजीव दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 20 दिसंबर 2013 को की गई थी, और यह दिवस 3 मार्च 1973 को ‘वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (CITES)’ को अपनाने की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके संरक्षण की दिशा में वैश्विक स्तर पर जनसाधारण को जागरूक करना है।
वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अविजीत चटर्जी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन एवं अवैध शिकार के कारण कई वन्यजीव प्रजातियाँ संकटग्रस्त हो गई हैं। अतः, इस दिवस के माध्यम से प्रकृति एवं जैव विविधता के महत्व को समझने तथा वन्यजीव संरक्षण हेतु प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस वर्ष विश्व वन्यजीव दिवस 2025 की थीम "वन्यजीव संरक्षण वित्त: जनमानस और ग्रह में निवेश" निर्धारित की गई है। वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. अनुज सिंह ने इस संदर्भ में बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण हेतु वित्तीय संसाधनों का समुचित प्रबंधन एवं निवेश आवश्यक है, जिससे जैव विविधता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
इस शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों एवं वनस्पतियों का गहन अध्ययन किया तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रकट की। साथ ही, प्राणी उद्यान में भ्रमण के दौरान उपस्थित आगंतुकों से संवाद कर उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण, जैव विविधता एवं पर्यावरणीय स्थिरता के महत्व पर जागरूकता फैलाई।
यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जिससे उन्हें वन्यजीव संरक्षण के वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक पक्षों को समझने का अनुभव प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने वन्यजीवों के संरक्षण एवं सतत विकास के संकल्प के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


