झांसी के बाद मैनपुरी जेल में 48 घंटे में हुई दो बंदियों की मौत

महिला बंदी के बाद सजायाफ्ता कैदी की हुई मौत परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

झांसी के बाद मैनपुरी जेल में 48 घंटे में हुई दो बंदियों की मौत
मैनपुरी जेल

लखनऊ। प्रदेश की जेलों में बंदियों को मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। झांसी के बाद मैनपुरी जेल में 48 घंटे के अंदर एक सजायाफ्ता कैदी की मौत हो गई। रविवार को इसी जेल में उत्पीड़न और अवैध वसूली से त्रस्त महिला बंदी में फांसी लगाकर जान दे दी थी। मौत के बाद कार्यवाही नहीं होने से जेल अधिकारी बेलगाम हो गए है। यही वजह है कि अधिकारियों को समय उपचार नहीं करा रहे है। इससे बंदियों को मौत का शिकार होना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक फिरोजाबाद के ग्राम गौरैया, सोलेहपुर निवासी गिरीश चंद्र उर्फ करू (60) पुत्र जिलेदार हत्या के आरोप में मैनपुरी जेल में बंद था। जेल में वह उम्र कैद की सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदी की सोमवार की दोपहर अचानक तबियत बिगड़ी गई। इसकी सूचना पर जेल प्रशासन के अधिकारियों ने आनन फानन में कैदी को जेल अस्पताल में भर्ती कराया। आराम नहीं मिलने पर उसको जिला अस्पताल भेजा गया डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी के परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन के अधिकारियों ने समय रहते कैदी का उपचार नहीं कराया और न ही उन्हें समय पर सूचना दी गई जिससे उसकी मौत हो गई। 

मैनपुरी अधीक्षक पर नहीं होती कोई कार्यवाही

बीते दिनों मैनपुरी जेल अधीक्षक का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वार्डरो से बंदियों से अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया था। वायरल वीडियो में अधीक्षक ने बंदीरक्षकों पर थप्पड़ मारकर वसूली किए जाने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही उन्होंने वार्डरो के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया था। वायरल वीडियो के चर्चित होने के बाद भी अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। 48 घंटे में झांसी के बाद मैनपुरी जेल में दो बंदियों की मौत के बाद कारागार मुख्यालय कोई कार्यवाही करेगा या फिर पुराने मामलो की तरह इसे भी दबा दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रविवार को जेल में बंद महिला बंदी लाली राजपूत ने महिला सेल के शौचालय में साड़ी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वह जेल प्रशासन के अधिकारियों की अवैध वसूली और उत्पीड़न से काफी त्रस्त थी। इससे परेशान होकर उसने जान दे दी थी। इससे पहले झांसी जेल में 48 घंटे के अंदर ही जेल में बंद करन कुशवाहा और रामसिंह की मौत हो गई थी। इससे पहले आगरा जेल में भी जूता कंपनी के मालिक की भी मौत हो चुकी है। उधर मैनपुरी जेल अधीक्षक का कहना कि कैदी को सांस लेने की दिक्कत थी। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया जहां हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।