आपदा को अवसर में तब्दील करने में माहिर कारागार विभाग!
आधा दर्जन से अधिक जेलों पर जेलरों की लगाई गई विशेष ड्यूटी कारागार विभाग में खूब चल रहा सेटिंग गेटिंग का खेल अस्थाई ड्यूटी लगाकर आगामी स्थानांतरण सत्र में तबादलों की तैयारी
लखनऊ। आपदा को अवसर में तब्दील की कला सीखनी है प्रदेश के कारागार अफसरों से सीखी जा सकती है। प्रदेश की जेलों में घटनाओं का फायदा भी जेल अफसर उठा रहे है। अफसरों ने घटनाओं का लाभ उठाए हुए चहेते अफसरों को कमाई वाली जेलों पर संबद्ध कर दिया। घटनाओं के बाद करीब आधा दर्जन से अधिक जेलरों को विशेष ड्यूटी लगाकर कमाऊ जेलों पर भेज दिया। फिलहाल यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। अफसरों की अस्थाई ड्यूटी को आगामी स्थानांतरण सत्र से जोड़ कर देखा जा रहा है। यह अलग बात है कि जिन दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी उन्हें तोहफा दे दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक एटा जेलर के जेलर प्रदीप कश्यप पर महिला ने यौन उत्पीड़न और गर्भपात का मामला दर्ज कराया उस जेल के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उसे तोहफे के रूप में झांसी जेल पर संबद्ध कर दिया गया। इसी प्रकार फतेहगढ़ जिला जेल के जेलर गिरीश कुमार के खिलाफ अभद्रता करने के मामले एफआईआर दर्ज कराई गई थी उसको आगरा सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। अवैध वसूली और विवादों में घिरे रहने वाले झांसी के जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता को हटाकर फतेहगढ़ जिला जेल पर संबद्ध कर दिया गया है। फतेहगढ़ जिला जेल में विवादों के बाद आगरा जेल के जेलर नागेश कुमार को फतेहगढ़ से पुनः आगरा जिला जेल भेज दिया गया है।
एफआईआर दर्ज जेलरों को बचाने में सफल हुए रेंज डीआईजी!
एक गलती पर निलंबन और दो गलतियों पर प्रमोशन को लेकर सुर्खियों में आए आगरा/कानपुर जेल परिक्षेत्र के डीआईजी दोषी जेलरों को बचाने में सफल हो गए। दोषी जेलरों को सजा के बजाए तोहफा दे दिया गया है। फतेहगढ़ जिला जेल में जेलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद जेलर और अधीक्षक दोनों को हटा दिया गया, वही एटा जेल में जेलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। तोहफे के तौर पर फतेहगढ़ जेलर को आगरा सेंट्रल जेल और एटा जेलर को झांसी जेल भेज दिया गया है। इसको लेकर विभाग में तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रहीं है। चर्चा है कि अपने को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इसी प्रकार बीते सप्ताह गाजीपुर जेल में अवैध पीसीओ संचालन के आरोप में निलंबित किए गए जेलर राकेश कुमार वर्मा के स्थान पर वाराणसी सेंट्रल जेल पर तैनात जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा को गाजीपुर जेल भेजा गया था। जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा को प्रभार संभाले अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि उन्हें गाजीपुर से हटाकर एटा जिला जेल से संबद्ध कर दिया गया। इसी कड़ी में हरदोई जेल से बंदी की फरारी के मामले में निलंबित किए गए जेलर विजय राय को बहाल कर कौशांबी जिला जेल भेज दिया गया है। कारागार मुख्यालय के अफसरों ने कैदी पुनर्वास योजना की प्रदेश के एकमात्र जेल आदर्श कारागार को उधार के अफसरों की जेल बना दिया है। अभी करीब डेढ़ माह पहले राजधानी की जिला जेल में तैनात जेलर सुनील दत्त मिश्रा को आदर्श कारागार में अस्थाई ड्यूटी पर लगाया गया था। श्री मिश्र जेल की गतिविधियों को अभी समझ भी नहीं पाए थे कि उन्हें हटाकर गाजीपुर जेल से संबद्ध कर दिया गया। इनके स्थान पर जिला जेल लखनऊ में तैनात मृत्युंजय कुमार पांडे को अस्थाई ड्यूटी पर आदर्श कारागार में लगाया गया है। जेलरों की अस्थाई ड्यूटी के पुष्टि के लिए जब आईजी जेल पीवी रामाशास्त्री से संपर्क करने का प्रयास किया तो हर बार की तरह इस बार भी उनका सीयूजी ( 9454418151) फोन नहीं उठा। मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।


