वन नेशन वन इलेक्शन' देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम

देश में सुशासन की स्थापना, गुड गवर्नेंस के लिए होगा महत्वपूर्ण कदम सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर एके शर्मा ने व्यक्त किए अपने विचार

वन नेशन वन इलेक्शन' देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम
वन नेशन वन इलेक्शन

लखनऊ। देश को समृद्धि और सुशासन की ओर ले जाने के लिए 'वन नेशन वन इलेक्शन' बहुत आवश्यक है। केंद्र, राज्यों व स्थानीय निकायों में अलग-अलग एवं बार-बार होने वाले चुनावों से देश को आर्थिक नुकसान हो रहा और देश पूरी तरह से खोखला होता जा रहा है। देश में 'वन नेशन वन इलेक्शन' की संवैधानिक व्यवस्था लागू होने से देश विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। देश की प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी व विकास कार्यों को गति मिलेगी और पूरे देश में सुशासन एवं गुड गवर्नेंस की स्थापना होगी। जनकल्याणकारी व आर्थिक नीतियों को लागू करने में बार बार रुकावटें नहीं आयेंगी। अलग-अलग होने वाले चुनावों से विकास कार्यों व गरीबों तक पहुंचने वाली ज़रूरी मदद में रुकावट आती है। चुनावों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा समाज में व्याप्त भाईचारे को भी तोड़ने की कोशिश की जाती है। इसमें भी कमी आएगी।

प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के अटल सुशासन पीठ में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री व उनकी टीम तथा देश के विद्वतजन मिलकर इस दिशा में देश को आगे ले जाएंगे। विपक्षी चाहे जितना भी इसका विरोध करें, वह तो देश को गर्त में ही ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जब मुख्यमंत्री रहे तभी से 'वन नेशन वन इलेक्शन' की बात कर रहे है। वे इस पर चर्चा भी करते थे कि बार-बार के चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। देश में आर्थिक बोझ भी पड़ता है। मोदी की जब 2014 में प्रधानमंत्री बने तभी से इसकी राष्ट्रव्यापी चर्चा कर रहे। यहां तक की लोकसभा के तीनों चुनाव में भी बीजेपी के मेनिफेस्टो में इसका ज़िक्र रहा। उन्होंने कहा कि देश में कही पर भी चुनाव हो, चुनाव के दौरान 04 महीने पहले से ही चुनाव की मशीनरी तैयारी में लग जाती है। चुनाव होना हो तो 04 महीने पहले से ही लाभार्थीपरक योजनाओं को बंद करना पड़ता है। अब आईटी सेक्टर के विकास से काउंटिंग में कम समय लगता है, आने वाले समय में वोटिंग और काउंटिंग और आसान हो जाएगी। हम सभी लोग वह दिन भी देखे हैं जब 03 से 06 दिन काउंटिंग होती थी। अब तो 06 घंटे में काउंटिंग हो जाती है। इससे पूर्व प्रो नंद लाल भारती द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम स्मारिका एवं शोध पत्र संकलन पुस्तक 'गुड गवर्नेंस ऐंड नोशन ऑफ डेवलप्ड इंडिया' का विमोचन भी किया गया। 

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. वेंकटेश्वर लू, नेशनल यूनिवर्सिटी भोपाल के कुलपति प्रो० बलराज चौहान, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० आलोक कुमार राय, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के प्रमुख प्रो० नंदलाल भारती, प्रोफेसर वी.के. मेनन, फैकल्टी मेंबर, अन्य प्रोफेसर, विद्यार्थी उपस्थित रहे।