प्रतीक नरूला की प्लाईवुड फैक्ट्री लगी आग : खतरा देख आसपास के घरों को खाली करवाया गया, आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड ने चक्रव्यूह बनाया

लखनऊ : ऐशबाग में एसपी टिंबर इंडस्ट्रीज के नाम से प्रतीक नरूला की प्लाईवुड फैक्ट्री है। CFO विजय कुमार सिंह ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे आग की सूचना मिली। तत्काल दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन इनसे आग बुझाने में सफलता नहीं मिली। धीरे-धीरे आग बढ़ती गई। 12 बजे तक आग काफी तेज फैल गई थी।

प्रतीक नरूला की प्लाईवुड फैक्ट्री लगी आग : खतरा देख आसपास के घरों को खाली करवाया गया, आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड ने चक्रव्यूह बनाया
लखनऊ की प्लाईवुड फैक्ट्री में लगी आग

लखनऊ की प्लाईवुड फैक्ट्री में शुक्रवार को आग लग गई। यहां रखी सूखी लकड़ियों से निकल रही लपटें देख इलाके में भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची। करीब 7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

ऐशबाग में एसपी टिंबर इंडस्ट्रीज के नाम से प्रतीक नरूला की प्लाईवुड फैक्ट्री है। CFO विजय कुमार सिंह ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे आग की सूचना मिली। तत्काल दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन इनसे आग बुझाने में सफलता नहीं मिली। धीरे-धीरे आग बढ़ती गई। 12 बजे तक आग काफी तेज फैल गई थी। हालांकि तब तक मौके पर 10 फायर ब्रिगेड पहुंच चुकी थीं।

खतरा देख आसपास के घरों को खाली करवाया गया : CFO विजय कुमार सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के चारों तरफ रिहायशी इलाके हैं। आग से जानमाल का कोई नुकसान न हो, इसके लिए करीब 100 मीटर के दायरे में घरों को खाली करवा दिया गया। पुलिस की मदद से लोगों को किसी तरह सुरक्षित जगह भेजा गया।

लाइन से बनी फैक्ट्रियों को बचाना मुश्किल हो गया : CFO ने बताया कि जिस फैक्ट्री में आग लगी उसके आसपास 10 से ज्यादा प्लाई की फैक्ट्री और टिम्बर के कारखाने हैं। हर कारखाने में सूखी लकड़ियों के साथ काफी थिनर और पेंट रखे थे। एक भी चिंगारी किसी दूसरी फैक्ट्री तक पहुंचती तो बड़ी घटना हो सकती थी।

आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड ने चक्रव्यूह बनाया : आग बुझाने के साथ इसे बढ़ने से रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए फायर ब्रिगेड की चार टीमें बनाई गईं। एक टीम अंदर घुसकर आग बुझा रही थी। दूसरी टुकड़ी फैक्ट्री के चारों तरफ लगातार पानी की बौछार कर रही थी, ताकि आग दूसरी फैक्ट्री और आबादी तक न पहुंचे। तीसरी टीम रिहायशी इलाके से लोगों को सुरक्षित निकाल रही थी। चौथी टोली आग बुझाने में जुटे जवानों को बैकअप दे रही थी। इतनी मशक्कत के बाद करीब 6 घंटे में आग पर काबू पाया जा सका।