झांसी जेल में भ्रष्टाचार का बोलबाला
झांसी जिला कारागार में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बंदियों से अवैध शुल्क लेकर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं तथा सजा पूरी कर चुके कैदियों को मोटी रकम के एवज में सेंट्रल जेल स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। जेल में राशन में कटौती कर कैंटीन में ऊंचे दामों पर खाद्य सामग्री बेची जा रही है। न्यायिक जांच में दोष सिद्ध होने के बावजूद कारागार मुख्यालय द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जेल प्रशासन बेलगाम होता जा रहा है।
| जेल में थम नहीं रही अधिकारियों की अवैध वसूली |
| कटौती के राशन की जेल कैंटीन में हो रही खपत |
| मोटी रकम लेकर सेंट्रल जेल ट्रांसफर नहीं किए जा रहे कैदी |
लखनऊ। झांसी जेल में भ्रष्टाचार के अवैध वसूली वसूली का बोलबाला है। जेल में बंदियों से मशक्कत और बैठकी के नाम पर जमकर उगाही की जा रही है। जेल में सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल स्थानांतरित न करने के एवज में मोटी रकम वसूल की जा रही है। दिलचस्प बात तो यह है जेल के मुखिया ने अवैध वसूली के लिए अपने एजेंट लगा रखे है। मुख्यालय के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से जेल प्रशासन के अधिकारी बेलगाम हो गए है। जेल प्रशासन की अवैध वसूली से बंदियों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
मिली जानकारी के मुताबिक झांसी जेल में बंदियों को सुविधा शुल्क लेकर वह सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं जिनका नियमों में कोई प्रावधान ही नहीं है। जेल में बंदियों से बैठकी और मशक्कत के नाम पर 50 हजार रुपए तक वसूल किए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है जेल अधीक्षक ने इस अवैध वसूली जेल के एक फार्मासिस्ट और चक्की मिस्त्री को लगा रखा है। इसके साथ ही एक सजातीय सजायाफ्ता कैदी को हवालात का राइटर बना रखा है। बताया गया है कि यह कैदी हवालात के बंदियों से वसूली कर अधीक्षक को देता है। लंबे समय से जेल में बंद इस सजायाफ्ता कैदी को फर्जी वारंट के सहारे जेल में रोक रखा गया है। इसको सेंट्रल जेल नहीं भेजा जा रहा है।
झांसी जेल अधीक्षक का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। फतेहपुर और आजमगढ़ जेल पर तैनाती के दौरान यह काफी सुर्खियों में भी रहे। बताया गया है कि आजमगढ़ में तैनाती के दौरान जेल में छापामारी के दौरान जेल में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन के तमाम तरह की अवैध वस्तुएं बरामद हुई थी। इस मामले में इन्हें निलंबित भी किया गया था। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों इसी जेल पर तैनात रहे जेलर पर कुछ बदमाशों ने हमला कर दिया था। घटना के बाद जेलर को अन्य जेल पर भेज दिया गया। |
सूत्रों का कहना है कि जेल में बंदियों के राशन में जमकर कटौती की जा रही है। करीब 50 फीसदी कटौती के राशन की खपत जेल में चल रही कैंटीन में की जा रही है। इस कटौती के राशन से छोला चावल, छोला भटूरा, समोसा, ब्रेड पकौड़ा, पूड़ी सब्जी इत्यादि को तैयार करके कैंटीन में मनमाफिक अनाप शनाप दामों में बेचकर जेल अधिकारी और अपनी जेब भरने में जुटे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों जेल में हो रही अवैध वसूली और बंदियों के उत्पीड़न की शिकायत की गई थी। इस शिकायत की न्यायिक जांच भी कराई गई। जांच रिपोर्ट में जेल प्रशासन को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। इसके बावजूद कारागार मुख्यालय में बैठे आला अफसरों ने दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई नहीं होने से जेल अधिकारी बेलगाम हो गए है। उधर इस संबंध में जब जेल अधीक्षक विनोद कुमार से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा।


