वाराणसी जेल अधीक्षक, जेलर व डिप्टी जेलर निलंबित

विचाराधीन बंदी की फर्जी रिहाई के मामले में की कार्यवाही डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने की मामले की जांच

वाराणसी जेल अधीक्षक, जेलर व डिप्टी जेलर निलंबित
जिला कारागार वाराणसी

लखनऊ। कैदी की गलत रिहाई के मामले में वाराणसी के तत्कालीन अधीक्षक उमेश सिंह, वर्तमान जेलर राजेश कुमार और तत्कालीन हवालात प्रभारी डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधीक्षक को कारागार मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

शासन की ओर से कारागार विभाग के संयुक्त सचिव शिवगोपाल सिंह ने वाराणसी जेल अधीक्षक उमेश सिंह के निलंबन का आदेश जारी किया हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि जेल निरुद्ध विचाराधीन बंदी सुनील कुमार उर्फ सुनील चौधरी पुत्र राजवीर सिंह की जेल से फर्जी रिहाई मामले की वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी जेल से जांच कराई गई। इस जांच में तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह, जेलर राजेश कुमार और हवालात प्रभारी डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया को दोषी पाया गया। दोषी पाए गए समस्त अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। 

उल्लेखनीय है कि वाराणसी जिला जेल से विचाराधीन बंदी की जेल प्रशासन के अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर बंदी को जेल से फर्जी तरीके से रिहा कर दिया गया। मामले के सुर्खियों में आने के बाद शासन ने मामले की जांच वाराणसी जेल परिक्षेत्र के डीआईजी को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने यह कार्यवाही की है। निलंबित महिला डिप्टी जेलर ने बीते दिनों एक वीडियो वायरल करके जेल अधीक्षक पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद जेल अधीक्षक को अस्थाई ड्यूटी पर सोनभद्र और महिला डिप्टी जेलर का प्रयागराज जेल भेज दिया गया था।