आखिरकार आईजी जेल को मिला तबादले करने का मौका!

सेवानिवृत होने से 15 दिन पहले तक ही कर पाएंगे ट्रांसफर समूह ख, ग और घ के तबादलों में बड़ा खेल होने की आशंका

आखिरकार आईजी जेल को मिला तबादले करने का मौका!
कारागार मुख्यालय

लखनऊ। महानिरीक्षक कारागार को आखिरकार तबादले करने का मौका मिल ही गया। 31 मई को सेवानिवृत होने वाले आईजी जेल सिर्फ 15 दिन तक ही जेलकर्मियों के ट्रांसफर कर पाएंगे। तबादलों में सरकार की स्थानांतरण नीति का कितना अनुपालन हो पाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल कारागार मुख्यालय से होने वाले जेलकर्मियों के तबादलों में बड़ा खेल होने की संभावनाओं से नकारा नहीं जा सकता है। बीते स्थानांतरण सत्र में हुए बेतहाशा तबादले इस सच की पुष्टि करते नजर आते हैं।

एआईजी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल!
कारागार विभाग में स्थानांतरण की जिम्मेदारी आईजी जेल के साथ एआईजी जेल प्रशासन की होती है। एआईजी प्रशासन की ओर से जेलर, डिप्टी जेलर और वार्डर संवर्ग की सूची तैयार की जाती है। तबादलों की सूची एआईजी प्रशासन की देखरेख में तैयार की जाती है। बीते स्थानांतरण सत्र के दौरान एआईजी प्रशासन में अंतिम दिन तो तबादले किए थे। अपने चहेते अधिकारियों और कर्मियों को कमाऊ जेलों पर तैनात करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी थी। इस स्थानांतरण सत्र में भी ऐसी ही संभावना व्यक्त की जा रही है। सूत्रों की माने तो एआईजी प्रशासन को जेल गतिविधियों की जानकारी भले ही न हो लेकिन सेटिंग गेटिंग में महारत जरूर हासिल कर रखी है। जेलकर्मियों के तबादलों में एआईजी प्रशासन की भूमिका संदिग्ध होने की आशंका जताई जा रही है। तबादलों में मोटा लेनदेन होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को स्थानांतरण नीति 2025-26 को मंजूरी प्रदान कर दी गई। शासन की स्थानांतरण नीति के आते ही अन्य विभागों की तरह कारागार विभाग में भी तबादलों को लेकर हलचल मच गई है। कारागार मुख्यालय के विभागाध्यक्ष आईजी जेल 31 मई को सेवानिवृत हो रहे हैं। सेवानिवृत होने से पहले 15 दिन उन्हें जेलकर्मियों के तबादले करने का मौका मिलेगा। बताया गया है कि शासन की स्थानांतरण नीति के समय से आ जाने की वजह से सेवानिवृत होने वाले आईजी जेल को तबादले करने का अवसर प्राप्त हुआ है। 

विभागीय जानकारों के मुताबिक कारागार मुख्यालय से विभाग में जेलों पर तैनात जेलर, डिप्टी जेलर संवर्ग के साथ हेड वार्डर और वार्डर संवर्ग के तबादले किए जाते है। सूत्र बताते है कि विभाग में तबादले निजी अनुरोध, प्रशासनिक आधार और समय पूर्ण होने वाले कर्मियों को स्थानांतरित किया जाता है। बीते स्थानांतरण सत्र में इस आधार पर हुए तबादलों में अधिकारियों से साथ बाबुओं ने जमकर वसूली की थी। संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस बार भी तबादलों में बड़ा खेल हो सकता है। सबसे अधिक वसूली निजी अनुरोध और प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादलों में होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बीते स्थानांतरण सत्र में कारागार विभाग में स्थानांतरण नीति के निर्देशों को दरकिनार कर जमकर तबादले किए गए।