चीनी निगम के रिटायर जीएम को फिर मिलेगा सेवा विस्तार!

योगी सरकार को रास आ रहे घोटालेबाज दागदार अफसर बसपा सरकार में चीनी मिलों की बिक्री में बटोरीं थी सुर्खियां

चीनी निगम के रिटायर जीएम को फिर मिलेगा सेवा विस्तार!
उत्तर प्रदेश चीनी निगम

लखनऊ। योगी सरकार की नौकरशाही को घोटालेबाज के दोषी और दागदार अफसर रास आ रहे हैं। यह बात सुनने में भले ही अटपटी लगे लेकिन सच है। चीनी निगम में घोटाले के दोषी अफसर को रिटायरमेंट के बाद दो साल से लगातार सेवा विस्तार देकर काम कराया जा रहा है। यह दागदार अफसर एक बार फिर सेवा विस्तार के लिए राजनीतिक गलियारों के चक्कर काट रहा है। रिटायर अफसर के सेवा विस्तार का यह मामला निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि घोटालेबाज दागदार अफसर के लिए निगम में नियम और कानून कोई मायने नहीं है।

रिटायरमेंट के बाद दो साल से लगातार मिल गया सेवा विस्तार
उत्तर प्रदेश चीनी निगम में महाप्रबंधक परियोजना, कार्मिक, वित्त के साथ कंपनी सचिव समेत अन्य प्रभार संभाल रहे एसके मेहरा से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि चीनी मिल बेचने के समय नाम सुर्खियों में आया था। इसकी सीबीआई जांच होने की जानकारी होने पर उन्होंने सहयोगियों को मिठाई तक खिलाई थी। मुख्यमंत्री से एक शिकायत होने व उसकी जांच में दोषी पाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें होती रहती हैं। इस बेलगाम को अधिकारियों ने रिटायर होने के बाद दो साल से लगातार सेवा विस्तार देकर काम कराया जा रहा है। 10 मई 2025 को सेवा विस्तार की समयावधि समाप्त हाे रही है। सेवा विस्तार को बढ़वाने के लिए शासन सत्ता के गलियारों की परिक्रमा कर रहा है। रिटायरमेंट के बाद से लगातार अकाउंट का प्रभार है। हकीकत यह हे कि चीनी निगम में सेवानिवृत्त घोटालेबाज व दागदार अफसरों का दबदबा कायम है। इन रिटायर्ड अफसरों को भी छह माह का विस्तार दे दिया गया। यह सभी लोग कमाऊ सीटों पर ही जमें हुए हैं। इनमें कई तो ऐसे हैं जो जांच में दोषी पाए जाने के साथ दंडित तक किए जा चुके हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक चीनी निगम में बसपा सरकार में चीनी मिलों की बिक्री को लेकर सुर्खियों में रहे अधिकारी एसके मेहरा 30 सितंबर 2023 को सेवा निवृत्त हो गए। सेवा निवृत्त होने के अगले दो दिन (रविवार व गांधी जयंती) का अवकाश था। अवकाश खत्म होने के अगले ही दिन तीन अक्टूबर को उन्होंने फिर से निगम में रहते हुए पुराने पदों पर काम शुरू कर दिया। सूत्रों का कहना है कि चीनी निगम से सेवानिवृत्त होने के पूर्व में उनके पास जो प्रभार थे उन्हीं प्रभारों के साथ सेवा विस्तार दिया गया है। वर्तमान समय में इस अधिकारी के पास महाप्रबंधक परियोजना, कार्मिक, वित्त के साथ कंपनी सचिव के अलावा जिन जगहों पर महाप्रबंधक नहीं है वह प्रभार भी इन्हीं के पास हैं।

सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों एक व्यक्ति की ओर से इस अधिकारी की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई। मुख्यमंत्री से मिलकर की गई इस शिकायत पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने इसकी जांच शासन के दो अधिकारियों को सौंपी। इसके साथ ही इसी मामले की जांच चीनी मिल संघ के तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने संघ की दो सदस्यीय कमेटी से कराई। चीनी मिल संघ कमेटी के अफसरों ने जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी, वहीं दूसरी ओर शासन स्तर से हुई जांच में शिकायत को सच पाया गया है। हाल ही में इसकी पुनः जांच कराई गई। इस जांच में दोषी पाए गए अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए आला अफसरों ने उन्हें एक बार फिर से सेवाविस्तार देने की तैयार में जुटे हुए है।