स्थानांतरित कारागार कर्मियों को रिलीव करें अधीक्षक: डीजी जेल
डीजी जेल के आदेश से स्थानांतरित कर्मियों को मिली राहत
खबर का असर
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लखनऊ। कारागार विभाग में स्थानांतरित अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और बाबू संवर्ग के कर्मियों को अधीक्षक तत्काल रिलीव करें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानांतरण के बाद कर्मियों के रिलीव नहीं होने से विभाग की बदनामी होती है। यह बात बुधवार को महानिदेशक कारागार पीसी मीणा ने प्रदेश के जेल अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में कही। उन्होंने कहा अधिकारियों और कर्मियों को रिलीव करने का काम प्राथमिकता पर किया जाए।
उल्लेखनीय है कि स्थानांतरण सत्र के अंतिम दो दिनों में प्रदेश कारागार मुख्यालय के एआईजी कारागार प्रशासन ने नव नियुक्त महानिदेशक कारागार को गुमराह करके जेलर, डिप्टी जेलर एवं बाबू संवर्ग कर्मियों के ताबड़तोड़ तबादले किए। सूत्रों का कहना है मोटी रकम लेकर सैकड़ों की संख्यां में जेलर और डिप्टी जेलरों को पश्चिम के कमाऊ जेलों पर तो तैनात कर दिया गया लेकिन स्थानांतरित जेलर और डिप्टी जेलर के स्थान पर किसी अधिकारी को तैनात नहीं किया गया। इस अव्यवस्था के चलते प्रदेश की फतेहगढ़ जिला कारागार, चित्रकूट जिला कारागार, सोनभद्र जिला कारागार अधिकारी विहीन हो गई। प्रस्थानी नहीं होने से इन जेलों पर तैनात अधिकारी रिलीव नहीं हो पा रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मियों की जगह अधिकारियों की तैनाती नहीं होने की वजह से दर्जनों की संख्या में अधिकारी रिलीव नहीं हो पा रहे थे। स्थानांतरित अधिकारी जब जेल अधीक्षक से रिलीव करने की बात कहते है तो उनका कहना होता है कि प्रस्थानी के आने के बाद ही उन्हें रिलीव किया जाएगा। अधीक्षकों का तर्क है कि प्रस्थानी के नहीं आने पर उनको रिलीव किए जाने से जेल की व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी।
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में महानिदेशक कारागार पीसी मीणा ने कहा कि स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल स्थानांतरित जेलों के लिए रिलीव किया जाए। जिससे यह अधिकारी जेलों पर अपना योगदान दे सकें। मालूम हो कि एआईजी प्रशासन के मोटी रकम लेकर किए गए अव्यवस्थित तबादलों से स्थानांतरित अधिकारियों के सामने नई जेल पर प्रभार संभालना तो दूर की बात रिलीव होने का संकट उत्पन्न हो गया है। रिलीव नहीं हो पाने से जेल कर्मियों में पशोपेश की स्थित बनी हुई थी। डीजी जेल के आदेश से स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मियों ने राहत की सांस ली है।


