कन्नौज सीट से जीते पूर्व आईपीएस असीम अरुण : बीजेपी प्रत्याशी असीम अरूण बढ़त बनाकर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे, वीआरएस लेकर राजनीति में अपनी कैरियर शुरू किया
कन्नौज पर फिर से कब्जा कर लिया है और इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी अरुण असीम ने सपा के अनिल दोहरे को 6090 वोटों से हराया l असीम अरूण कानपुर के पुलिस आयुक्त थे और उन्होंने वीआरएस लेकर राजनीति में अपनी कैरियर शुरू किया l….
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित चुनाव आयोग करेगा l हालांकि अभी तक चुनाव के रूझान ही आ रहे हैं l राज्य में कई विधानसभा सीटों पर मतों की गिनती खत्म हो गई है और इन सीटों पर प्रत्याशियों की जीत का ऐलान किया जाना बाकी है l
असीम अरुण पहले प्रयास में ही बने विधायक : वहीं बीजेपी (BJP) ने कन्नौज पर फिर से कब्जा कर लिया है और इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी अरुण असीम ने सपा के अनिल दोहरे को 6090 वोटों से हराया l असीम अरूण कानपुर के पुलिस आयुक्त थे और उन्होंने वीआरएस लेकर राजनीति में अपनी कैरियर शुरू किया l वहीं लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से पूर्व पीपीएस अफसर और प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक रहे राजेश्वर सिंह भी आगे चल रहे हैं l जो दिनों अफसर अब खाकी के बाद खादी भी पहनेंगे.
बदायूं जिले में जन्मे असीम अरुण मूलरूप से कन्नौज के रहने वाले हैं l उनके पिता श्रीराम अरुण दो बार डीआईजी रहे हैं l पिता से प्रेरणा लेकर ही उन्होंने पुलिस सेवा में आने का फैसला लिया.
पिता से मिली पुलिस सेवा में आने की प्रेरणा : बदायूं जिले में जन्मे असीम अरुण मूलरूप से कन्नौज के रहने वाले हैं l उनके पिता श्रीराम अरुण दो बार डीआईजी रहे हैं l पिता से प्रेरणा लेकर ही उन्होंने पुलिस सेवा में आने का फैसला लिया l श्रीराम अरुण उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक भी रहे l उनकी माता शशि अरुण जानी मानी लेखिका और समाजसेविका भी रही l उनकी शुरुआती पढ़ाई सेंट फ्रांसिस स्कूल से हुई. इसके बाद दिल्ली के सेंसिविटी कॉलेज से उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की.
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी : असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी है. भारतीय पुलिस सेवा में आने का बाद वह कई जिलों में तैनात रहे. टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड से लेकर बलरामपुर, हाथरस, सिद्धार्थ नगर, अलीगढ़, गोरखपुर और आगरा में बतौर पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर उन्होंने सेवाएं दी. इसके बाद कुछ दिनों के लिए वह स्टडी रिलीफ में विदेश चले गए. उसके बाद उन्होंने एटीएस, उत्तर प्रदेश का प्रभार संभाला. वह वाराणसी जोन के आईजी भी रहे. इसके बाद वह ATS के आईजी भी बनाये गए.
असीम अरुण ने आईएसआईएस के आतंकवादी सैफुल्लाह का एनकाउंटर ऑपरेशन को लीड किया था. सैफुल्लाह कानपुर का रहने वाला था. असीम अरुण को जानकारी मिली थी कि वह लखनऊ के ठाकुरगंज में छिपा हुआ है. यह पूरा घटनाक्रम पिछले यूपी चुनाव के बिल्कुल आखिरी में 8 मार्च 2017 में हुआ था. 22 साल के सैफुल्लाह के एनकाउंटर के बाद मिशन लगभग 12 घंटे तक चला था. असीम अरुण तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा में भी शामिल रहे. वह एसपीजी में क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPG) का भी नेतृत्व कर चुके हैं l असीम अरुण के नेतृत्व में कमांडर ने सैफुल्लाह को सरेंडर करने को कहा, लेकिन सैफुल्लाह ने सरेंडर नहीं किया और सुरक्षा टीम पर गोलीबारी जारी रही. जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया. एनकाउंटर के बाद सैफुल्लाह के पास से आईएसआईएस का झंडा भी मिला था.
फिलहाल कन्नौज सीट पर 2017 में भी बीजेपी ने झंडा लहराया था और बीजेपी ने इस सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है l बीजेपी प्रत्याशी आसिम अरुण को 120555 वोट मिले हैं जबकि सपा प्रत्याशी अनिल दोहरे को 114193 वोट मिले हैं. असीम अरूण ने दोहरे को हराकर इस सीट पर कब्जा किया है l पहले राउंड से ही इस सीट पर बीजेपी और एसपी के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया और शुरुआत में बीजेपी आगे तो आई l लेकिन इसके बाद एसपी प्रत्याशी बढ़त बनाने में कामयाब रहे l एक बार तो ऐसा लग रहा था कि एसपी इस सीट पर कब्जा कर लेगी l लेकिन मतगणना खत्म होने तक एक बार फिर बीजेपी प्रत्याशी असीम अरूण बढ़त बनाकर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे.


