निलंबित हेड वार्डर और वार्डर के कर दिए तबादले

वार्डर संवर्ग के तबादलों में भी हुई जमकर वसूली एक साल पहले जिस जेल से हटाए फिर वहीं हुई तैनाती जनहित/निजी अनुरोध के नाम पर कमाऊ जेलों में हुई तैनाती मुख्यालय के बाबुओं ने वसूली कर कराई मनमाफिक पोस्टिंग

निलंबित हेड वार्डर और वार्डर के कर दिए तबादले
कारागार मुख्यालय

लखनऊ। कारागार विभाग में जेलर, डिप्टी जेलर के तबादलों में हुई जमकर वसूली मामला अभी निपट नहीं पाया कि एक नया मामला प्रकाश में आया है।कारागार मुख्यालय में बैठे अधिकारियों ने वार्डर संवर्ग के तबादलों में निलंबित हेड वार्डर और वार्डर तक के तबादले कर दिए। यही नहीं मुख्यालय के बाबुओं ने उगाही कर एक साल पहले जिस जेल से उन्हें हटाया था उनकी फिर उसी जेल पर तैनाती करा दी। जनहित और निजी अनुरोध के नाम पर अवैध वसूली कर वॉर्डरो को कमाऊ जेलों पर तैनात कर दिया गया।

डीआईजी के चहेते जेलर को फिर मिली फतेहगढ़ जेल
स्थानांतरण सत्र समाप्त होने के बाद भी कारागार विभाग में अधिकारियों को इधर उधर करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सूत्रों का कहना है कि बीते 15 दिन में एक जेलर को कई बार इधर उधर किया गया। आजमगढ़ जेल पर तैनात जेलर का पहले गाजियाबाद जेल पर स्थानांतरित किया गया। इस बात की जानकारी होने पर कि गाजियाबाद में जेलर का सिर्फ एक ही पद है तो उसका स्थानांतरण बदलकर बागपत जेल कर दिया गया। बागपत जेल रास नहीं आने पर इस जेलर को विशेष ड्यूटी पर फिरोजाबाद जेल भेज दिया गया। इसी प्रकार न्यायालय में विवाद के आरोप में फतेहगढ़ जिला जेल से हटाए गए जेलर को पहले अस्थाई ड्यूटी पर संतकबीरनगर जेल पर लगाया गया। संतकबीरनगर जेल पर अभी कुछ ही समय बीता था कि इस जेलर को फिर से फतेहगढ़ जिला जेल भेज दिया गया। यह परिवर्तन विभागीय अधिकारियों में चर्चा का विषय बने हुए है। चर्चा है कि डीआईजी कारागार मुख्यालय अपने चहेते जेलर को पुरानी जेल पर पहुंचाने में आखिरकार कामयाब हो ही गए। यह दोनों ही परिवर्तन आदेश 30 जून को जारी किए गए हैं।

सूत्रों की मुताबिक कौशांबी जेल पर तैनात हेड वार्डर को बीते एक जनवरी 2024 को निलंबित किया गया। निलंबन अवधि के दौरान हेड वार्डर को प्रतापगढ़ जिला कारागार से संबद्ध कर दिया गया। 14 जून 2025 को निलंबित हेड वार्डर का तबादला कौशांबी जेल से केंद्रीय कारागार आगरा कर दिया गया। 19 जून 2025 को कौशांबी जेल से निलंबित हेड वार्डर कार्यमुक्त करते हुए निर्देशित किया गया कि वरिष्ठ अधीक्षक नैनी के पुनर्स्थापन किए जाने के बाद अग्रिम ड्यूटी के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक केंद्रीय कारागार आगरा के समक्ष उपस्थित होना सुनिश्चित करे। इस आदेश के बाद हेड वार्डर न्याय के लिए दर दर की ठोकरें खाने को विवश है। पीड़ित हेड वार्डर ने विभागीय मंत्री समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय दिलाए जाने की मांग की है। यह तो बानगी है।

इसी प्रकार केंद्रीय कारागार वाराणसी जेल पर तैनात वार्डर का तबादला केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में कर दिया गया। इसके अलावा जिला कारागार गाजीपुर में तैनात निलंबित वार्डर का तबादला जिला कारागार झांसी में कर दिया गया। कारागार मुख्यालय ने बीती 14 जून को वार्डर संवर्ग की दो तबादला सूची जारी की गई। पहली सूची में 27 और दूसरी सूची में 30 हेड वार्डर और वार्डर को स्थानांतरित किया गया है। यह सभी तबादले जनहित में किए गए है। सूत्रों की माने तो मुख्यालय के बाबुओं ने जनहित और निजी अनुरोध के नाम पर पर किए गए इन तबादलों में वार्डरो से जमकर वसूली करके उन्हें कमाऊ जेलों पर तैनात करा दिया। इसमें कई तो ऐसे वार्डर भी शामिल है जिन्हें एक साल पहले ही हटाया गया था। इस संबंध में जब एआईजी जेल प्रशासन धर्मेंद्र सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके निजी सचिव ने बताया कि साहब अभी व्यस्त है बात नहीं हो सकती है।