अदिति प्रथम, स्वर्णिमा दूसरे और साक्षी को मिला तीसरा स्थान

राष्ट्र निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान" विषय पर व्याख्यान लखनऊ विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में हुआ कार्यक्रम

अदिति प्रथम, स्वर्णिमा दूसरे और साक्षी को मिला तीसरा स्थान
पुरस्कार द्वारा सम्मानित

लखनऊ। विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में " राष्ट्र निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान" विषय पर व्याख्यान  एवं संयुक्त राष्ट्र संघ में अटल द्वारा दिए गए उद्बोधन पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अटल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को उनकी कूटनीतिक दृष्टि, राष्ट्रवादी सोच और भारतीय भाषा के सम्मान को समझने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में  विद्यार्थियों ने भाग लिया और अटल जी द्वारा 1977 व 1998 में संयुक्त राष्ट्र में दिए गए प्रभावशाली भाषणों पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने विशेष रूप से हिंदी भाषा में उनके पहले ऐतिहासिक संबोधन और वैश्विक शांति, आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख एवं भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर उनके विचारों को रेखांकित किया। प्रथम स्थान अदिति पांडे, दूसरे स्थान पर स्वर्णिमा सिंह और तृतीय स्थान पर साक्षी विजयते रहे और साथ ही विजेताओं को नगद पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया और इस अवसर पर अटल जी की भाषण शैली, उनकी कूटनीतिक सूझबूझ और हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने के योगदान को याद किया गया।  कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर गोपाल प्रसाद, प्रोफेसर राजनीति शास्त्र विभाग, दीन दयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय रहे । मुख्य वक्ता ने भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रगतिशील नीतियों और राष्ट्रवादी सोच से देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान का विस्तार से वर्णन किया। विभाग के अन्य शिक्षक गण डॉ वैशाली सक्सेना, डॉ नंदिता कौशल , डॉ उत्कर्ष मिश्रा, डॉ सुशील चौहान , शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।