कारागार विभाग के आईजी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल!
अवैध वसूली की शिकायत पर कार्रवाई के बजाए जांच के दिए आदेश मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण में मुलाकाती महिला ने की शिकायत
लखनऊ। मुजफ्फरनगर जेल में बंद बंदी से मुलाकात करने आई महिला ने जेल में गिनती कटवाने के लिए जेल प्रशासन के कर्मियों ने 21 हजार रुपए की मांग करने की शिकायत की। पीड़ित महिला की शिकायत पर आईजी जेल ने शिकायत पत्र लेकर दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मामले की जांच के आदेश दिए। आईजी ने वरिष्ठ अधीक्षक मेरठ को जांच सौंपकर अवैध वसूली के इस गंभीर मामले को रफा दफा कर दिया। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। चर्चा है कि अवैध वसूली के मामले को दबाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ऐसा तब किया गया जब आईजी जेल को अवैध वसूली की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महानिरीक्षक कारागार (आईजी जेल) पीवी रामाशास्त्री बीते दिनों मुजफ्फरनगर जिला जेल का निरीक्षण किया। जेल निरीक्षण के उपरांत वह मुलाकातियों के समस्याओं को जानने के लिए सीधे मुलाकातघर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कई मुलाकातियों से बातचीत कर समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें एक महिला से शिकायत मिली कि जेल में मशक्कत, बैठकी और गिनती कटवाने के नाम पर जमकर अवैध वसूली की जा रही है।
पिटीशन रायटर के माध्यम से जेलर करा रहे अवैध वसूली!
मुजफ्फरनगर जिला जेल में तैनात जेलर का विवादों से गहरा नाता रहा है। सेवाकाल का अधिकांश समय पश्चिम की कमाऊ जेलों में काटने वाले जेलर को अवैध वसूली कराने में महारत हासिल है। सूत्र बताते है कि जेलर मुलाकात के पिटीशन रायटर, हवालात के राइटर के माध्यम से बंदियों से जमकर अवैध वसूली कराते है। इसके साथ ही जेल में बंदियों के राशन में बेतहाशा कटौती की जा रही है। बंदियों के राशन कटौती का इस्तेमाल कैंटीन में करके खानपान की वस्तुएं मनमाने दामों पर बेचकर जेल प्रशासन के अधिकारी मोटी कमाई कर जेब भरने में जुटे हुए है।
सूत्रों का कहना है कि शामली जिले के जिजौला गांव निवासी अनीसा नाम की महिला मुलाकाती ने आईजी जेल से शिकायत की कि उसका देवर मुसव्वर मादक द्रव्यों की आपूर्ति (एनडीपीएस) के मामले में जेल में बंद है। जेल में उससे गिनती कटवाने के नाम पर 21 हजार रुपए की मांग की जा रही है। आईजी ने महिला से शिकायती पत्र लिया। आईजी जेल ने दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मामले की जांच मेरठ के वरिष्ठ अधीक्षक को सौंप कर रिपोर्ट मांगी है। आईजी के त्वरित कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला विभागीय कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा है कि दोषियों को बचाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं। उधर इस संबंध में जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। जेल प्रशासन के एक अधिकारी महिला के आईजी जेल से शिकायत किए जाने की पुष्टि की है।


