"अकिंचनों का सहारा, मानवता की मिसाल: लखनऊ में विपिन शर्मा की ब्रज की रसोई का अद्वितीय प्रयास"

लखनऊ की ब्रज की रसोई, विपिन शर्मा के नेतृत्व में, जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी ला रही है। सैकड़ों भूखों को पौष्टिक और सम्मानजनक भोजन प्रदान करते हुए, यह पहल न केवल पेट भर रही है, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की भावना भी जगा रही है। समाज सेवा का यह अनूठा मॉडल मानवता की सच्ची मिसाल बन चुका है।

"अकिंचनों का सहारा, मानवता की मिसाल: लखनऊ में विपिन शर्मा की ब्रज की रसोई का अद्वितीय प्रयास"
ब्रज की रसोई द्वारा आशियाना क्षेत्र में भोजन वितरण

लखनऊ। आशियाना, लखनऊ की सामाजिक सेवा का पर्याय बन चुके इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के संस्थापक विपिन कुमार शर्मा ने समाज सेवा को केवल एक विचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने कर्मों से इसे एक आंदोलन का रूप दे दिया। अपने मजबूत इरादों और मानवता के प्रति निष्ठा के साथ, उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची सेवा का अर्थ सिर्फ सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को आत्मसम्मान और बेहतर जीवन की राह दिखाना है।

आज कार्यक्रम में आये अथिति पुलिस इस्पेक्टर प्रमोद सिंह जो कि गोरखपुर में धर्मशाला पर प्रत्येक मंगलवार को हम है न के नाम रसोई चलाते है उन्होंने कहा मानवता के प्रति अपने समर्पण और अटूट संकल्प के जरिए विपिन शर्मा द्वारा संचालित रसोई ने समाज सेवा को नई दिशा दी है। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए उनकी पहल न केवल राहत प्रदान करती है, बल्कि उनके जीवन में आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की भावना को भी पुनर्जीवित करती है।

संस्था में आये एक और इंस्पेक्टर आरजू सिंह ने कहा आशियाना क्षेत्र में संचालित ब्रज की रसोई अब अकिंचन, निराश्रित, विक्षिप्त, गरीबों, बेसहारा, निराश्रित और भूखे लोगों के लिए आशा की किरण बन चुकी है। जिसमें सैकड़ों जरूरतमंदों को साफ-सुथरा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वहीं संस्था की राष्ट्रीय महिलाध्यक्ष रजनी शुक्ला ने बताया भोजन में कभी गरम पूड़ी-सब्जी तो कभी दाल-चावल तो कभी सब्जी चावल परोसे जाते हैं, जो इन वंचित लोगों के लिए न केवल पेट भरने का जरिया बनता है, बल्कि यह उनके लिए एक स्नेहिल अनुभव भी है।

संस्था के सदस्य आशीष श्रीवास्तव का कहना है, भूखे को खाना खिलाना केवल उसके पेट की भूख मिटाने का कार्य नहीं है, यह इंसानियत की भूख को भी शांत करता है। हमारा प्रयास है कि हर व्यक्ति को ऐसा महसूस हो कि वह समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

संस्था के एक और सदस्य विकास पाण्डेय ने कहा इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी की यह पहल समाज के सभी वर्गों में प्रशंसा का पात्र बन चुकी है। जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन कराना समाज सेवा का एक आदर्श उदाहरण है।

इसी पर संस्था के वरिष्ठ सदस्य देवांश रस्तोगी ने बताया इस प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ केवल मदद करना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान लौटाना और उन्हें मुख्यधारा में लाना है।

सामाजिक कार्यकर्त्ता सुनील कुमार कहते है इस अनूठी पहल ने न केवल सैकड़ों भूखों का पेट भरा है, बल्कि लखनऊ के लोगों को यह संदेश भी दिया है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

समाजसेवी अमित बाजपेई कहते है ब्रज की रसोई की यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखता है। 

संस्था के सदस्य रंजीत कश्यप ने जानकारी दी कि आज के निःशुल्क भोजन वितरण में आलू गोभी मिक्स व चावल जोन 8 के सामने की झुग्गियों व रतन खंड पानी टंकी के पास स्थित झुग्गियों एवं निर्माणाधीन विद्यालय के श्रमिकों और उनके परिवारों, में भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में करीब 760 लोगों को भोजन वितरित किया गया।

इस नेक पहल में देवांश रस्तोगी, सुनील कुमार, आशीष श्रीवास्तव, विकास पाण्डेय, अमित बाजपेई, नवल सिंह, रंजीत कश्यप, अशोक कुमार, मुकेश कनौजिया, सुकांति कुमारी और संस्था की राष्ट्रीय महिलाध्यक्ष रजनी शुक्ला जैसे सभी समाज सेवियों का विपिन शर्मा ने हृदय से आभार व्यक्त किया।