इण्डियन हेल्पलाइन: कोई भूखा न सोए! लखनऊ की 'ब्रज की रसोई' बना रही है दिलों का कनेक्शन

लखनऊ में जरूरतमंदों के लिए 'ब्रज की रसोई' संजीवनी बनकर उभरी है। यह पहल न सिर्फ भूख मिटा रही है, बल्कि सेवा और करुणा की मिसाल भी कायम कर रही है। रोज़ाना सैकड़ों गरीबों, निराश्रितों और श्रमिक परिवारों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर यह अभियान इंसानियत की नई कहानी लिख रहा है। अगर हर कोई थोड़ा योगदान दे, तो समाज में कोई भी भूखा नहीं रहेगा!

इण्डियन हेल्पलाइन: कोई भूखा न सोए! लखनऊ की 'ब्रज की रसोई' बना रही है दिलों का कनेक्शन
ब्रज की रसोई द्वारा आशियाना क्षेत्र में निःशुल्क पौष्टिक भोजन वितरण

भूख नहीं, अब मिलेगा प्यार से बना पौष्टिक भोजन!

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ब्रज की रसोई: जहां अन्नदान के साथ बंटता है अपनापन

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लखनऊ। समाज के निर्धन, असहाय और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए ब्रज की रसोई एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। यह पहल इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के प्रमुख विपिन शर्मा के नेतृत्व में शुरू की गई है, जो लखनऊ के आशियाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरीबों, निराश्रितों और बेसहारा बुजुर्गों-बच्चों को नि:शुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही है।

संजय श्रीवास्तव कहते है ब्रज की रसोई केवल भोजन वितरण का कार्य नहीं कर रही, बल्कि यह करुणा और सेवा की भावना को भी बढ़ावा दे रही है।

भूख मिटाने की यह लड़ाई सिर्फ संस्था की नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है!

संस्था के सदस्य विनोद मिश्रा ने कहा हमारी टीम इस सेवा को एक चिरकालिक परंपरा के रूप में देखती है, जिसमें सिर्फ अन्न दान ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के साथ प्रेम और संवेदनशीलता भी साझा की जाती है।

वहीं दीपक भुटियानी ने बताया रसोई में हमेशा पौष्टिक भोजन तैयार किया जाता है, जिसे गरीबों, बेसहारा बच्चों और बुजुर्गों तक पहुंचाया जाता है।

संस्था की राष्ट्रीय महिलाध्यक्ष रजनी शुक्ला ने जानकारी दी कि निःशुल्क भोजन वितरण आशियाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में किया जाता है, जहां जरूरतमंदों की संख्या अधिक है।

वरिष्ठ सदस्य अमित गुप्ता ने कहा अन्न दान केवल भोजन देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज में स्नेह और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है। ब्रज की रसोई के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा योगदान दे तो समाज में कोई भी भूखा नहीं रहेगा।

वहीं दीपांशु राज ने इस पवित्र सेवा में भाग लेकर लोग आशा और खुशी फैलाने में मदद करने की अपील की।

टीम से शिल्पी गुप्ता ने कहा यदि कोई भी व्यक्ति इस अन्नदान सेवा में सहयोग करना चाहता है, तो वे आर्थिक सहायता, खाद्य सामग्री दान या सेवा में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देकर इसका हिस्सा बन सकते हैं।

देवांश रस्तोगी ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें और अन्न दान की शक्ति के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने में अपना योगदान दें।

संस्था के सदस्य मुकेश कनौजिया ने बताया कि आज के भोजन वितरण अभियान के तहत 1020 जरूरतमंदों को पौष्टिक छोला-चावल वितरित किया गया। यह भोजन सेक्टर M रिक्शा कॉलोनी, रतन खंड पानी टंकी के पास की झुग्गियों, निर्माणाधीन विद्यालयों के श्रमिकों और उनके परिवारों, जोन-8 की झुग्गियों और श्रमिक परिवारों तक पहुंचाया गया।

इस सेवा कार्य में देवांश रस्तोगी, संजय श्रीवास्तव, दीपक भुटियानी, अमित गुप्ता, दीपांशु आनंद, मुकेश कनौजिया, विनोद मिश्रा, रजनी शुक्ला और शिल्पी गुप्ता सहित कई समाजसेवियों ने अपना योगदान दिया। संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।