महाकुम्भ में श्रद्धालुओं के लिए लंगर भाई ने चलाया अन्नपूर्णा महायज्ञ

महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर सात में **'लंगर भाई लालो जी'** द्वारा आयोजित अन्नपूर्णा महायज्ञ में लाखों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन प्रसाद वितरित किया गया। डेढ़ महीने तक चले इस सेवा अभियान में सिख समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लंगर स्थल पर चार साहिबजादों व सिख इतिहास की प्रदर्शनी भी लगाई गई। सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक ज्ञानी करनैल सिंह गरीब ने सिख गुरुओं के बलिदान व मानवता के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित किया।

महाकुम्भ में श्रद्धालुओं के लिए लंगर भाई ने चलाया अन्नपूर्णा महायज्ञ
लंगर भाई लालो जी

लखनऊ/महाकुम्भनगर। महाकुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर सात में 'लंगर भाई लालो जी' ने लाखों श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद से तृप्त किया। इस कैम्प के ​जरिए सिख समाज ने श्रद्धालुओं की निरन्तर सेवाएं की। महाकुम्भ में श्रद्धालुओं के लिए डेढ़ महीने तक लंगर चलाया। इसमें देश के कई प्रान्तों के सिख बंधुओं ने सेवाएं दी। महाकुम्भ लंगर के पंडाल में चार साहिबजादों व सिख समाज के इतिहास की प्रदर्शनी भी लगाई गयी थी। लंगर में सहयोग करने वाले लोगों का संस्था की ओर से सम्मान भी किया गया। 

सिख गुरुओं ने मानवता के कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया

सरदार जसविंदर सिंह के नेतृत्व में इस कैम्प का संचालन हुआ। यहां पर लाखों श्रद्धालुओं के साथ प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या पढ़ाई कर रहे छात्रों ने भी रात्रि को लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सिख संगत के तत्वाधान में भाई लालो जी का शुकराना अरदास समागम हुआ। कार्यक्रम के शुभारंभ में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की उपस्थिति में मुख्तियार सिंह मोखा द्वारा जपुजी साहिब के पाठ हुआ तत्पश्चात भाई हरविंदर सिंह जी द्वारा गुरबाणी कीर्तन का गायन किया गया। 

सहयोग करने वाले हुए सम्मानित

लंगर महायज्ञ में सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं की सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सरदार इकबाल सिंह, सरदार मुख्तार सिंह, स्वामी विश्वानंद स्वामी गोविंदाचार्य,सरदार परमजीत सिंह बग्गा,सरदार सत्येन्द्र सिंह, डा.मंजीत सिंह खालसा, इन्द्रेश, सरदार सुरिन्दर सिंह, उदय सिंह, अमरेन्द्र श्रीवास्तव, दिलीप कुमार, सरदार कुलविंदर सिंह व सरदार परविंदर सिंह के अलावा कई लोगों शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सरदार जसवीर सिंह एवं सरदार मलकियत सिंह बाजवा जी ने सभी सेवादार एवं साधु संतो का आभार प्रकट किया।

अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक ज्ञानी करनैल सिंह गरीब ने कहा कि सिख गुरूओं ने अपने लिए नहीं मानवता के कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। भारत में आज अगर 14 मजहब के लोग शांति से रह रहे हैं तो उसके लिए हमें गुरू तेग बहादुर के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए। सिख गुरूओं ने अपने को सेवादार ही कहा। इस बात को अगर खालसाा समझ पाते तो हमारी गिनती आज 100 करोड़ होती। हमें एक दूसरे से जुड़कर सबको परमात्मा से जोड़ना है। सिख का मतलब जो गुरू के विचारों के अनुरूप चले वही सिख है।