...तो भ्रष्ट जेल अफसरों पर कार्रवाई करेंगे कारागार मंत्री!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान के निर्देश पर वाराणसी जेल में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप में तत्कालीन जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के अन्य कारागारों में भी भ्रष्ट अधिकारियों पर संभावित कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। कन्नौज, फतेहगढ़, लखनऊ और आदर्श कारागारों में पूर्व में सामने आए मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे विभाग में चर्चाओं का दौर जारी है। कारागार मंत्री ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और जेलों में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
| वाराणसी जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से मचा हड़कंप |
| कार्रवाई के डर से सकते में आए दर्जनों भ्रष्ट जेल अफसर |
| कन्नौज, फतेहगढ़, लखनऊ, आदर्श कारागार की घटनाओं पर नहीं हुई कोई कार्यवाही |
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर अपनी "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई से कारागार विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। कारागार मंत्री के निर्देश पर भ्रष्टाचार में लिप्त वाराणसी के अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद जेल अधिकारी सकते में आ गए है। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों में तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा है कि कारागार मंत्री के भ्रष्टाचार और अनियमिताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों की कार्रवाई को लेकर नींद उड़ी हुई है। यह मामला अधिकारियों और कर्मियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले वाराणसी जिला कारागार में निरूद्ध बंदी सुनील कुमार उर्फ सुनील चौधरी, जो धोखाधड़ी और साइबर अपराधों में जेल में था, को फर्जी अभिलेख तैयार कर गलत तरीके से रिहा कर दिया गया था। उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कारागार, वाराणसी की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जेल अधिकारियों ने जेल मैनुअल और विभागीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया, जिससे यह गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर की संलिप्तता पाई गई। जिसके आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों में कार्रवाई को लेकर खलबली मची हुई है।
सूत्रों का कहना है कि वाराणसी जेल की तर्ज पर बीते दिनों कन्नौज जेल में बंद सपा की पूर्व दो ब्लॉक प्रमुख भाइयों की जेल अन्दर अन्य बंदियों के नाम पर पर्ची लगाकर मुलाकात कराए जाने का मामला सुर्खियों में आया था। इस मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुखों की जेल तो बदल दी गई लेकिन अनाधिकृत तरीके से अन्य बंदियों की पर्चियों पर मुलाकात कराने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी प्रकार कानपुर देहात जेल अधीक्षक के एक कैदी को समयपूर्व रिहाई के लिए भेजे गए गलत प्रस्ताव पर निलंबित कर दिया गया, वहीं फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के तत्कालीन वरिष्ठ अधीक्षक (वर्तमान में डीआईजी आगरा परिक्षेत्र) के दो गलत प्रस्ताव शासन को भेजे जाने पर इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
| वाराणसी जेल अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बाद प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि योगी सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जेल जैसी संवेदनशील संस्था में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। |
एटा जेल में भी परिक्षेत्र के डीआईजी ने यौन उत्पीड़न के आरोपी जेलर के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उसको एटा से हटाकर झांसी जेल भेजकर मामले को रफा दफा कर दिया गया। दो माह बाद सेवानिवृत होने वाले लखनऊ जेल अधीक्षक ने जेल में लूट मचा रखी है। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को तमाम शिकायतें होने के बाद अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी प्रकार राजधानी की आदर्श कारागार में हुए बवाल के बाद परिक्षेत्र के डीआईजी ने पिटाई करने वाले डिप्टी जेलरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बचा लिया। फतेहगढ़ जेल में अभद्रता करने वाले जेलर के खिलाफ भी कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की गई। जेल अधिकारियों और कर्मियों के बीच चर्चा का विषय बने इन मामलों पर कारागार मंत्री कोई कार्रवाई करेंगे। इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है। इस संबंध में जब कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा।


