कांस्टीट्यूशन क्लब में गूंजे भगवान परशुराम के विचार, महाराणा प्रताप सेना ने किया आयोजन
नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में भगवान परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर महाराणा प्रताप सेना द्वारा धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रमुख अतिथि पंडित सुनील भराला और संत पदमा नारायणाचार्य महाराज ने भगवान परशुराम के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने की, जिसमें धर्म, न्याय और सामाजिक चेतना पर जोर दिया गया।
नई दिल्ली। 28 अप्रैल 2025: भगवान श्री परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में महाराणा प्रताप सेना द्वारा एक विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से संत, श्रद्धालु, समाजसेवी व सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मंत्री और राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान परशुराम को धर्म, न्याय और समाज कल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके विचार आज के युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। मुख्य वक्ता के रूप में पधारे राष्ट्रीय संत श्री श्री 1008 पदमा नारायणाचार्य महाराज जी ने भगवान परशुराम के तप, त्याग और धर्म की स्थापना में उनके योगदान को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने की। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल धार्मिक ही नहीं, सामाजिक चेतना और न्याय के प्रतीक भी हैं। आज की पीढ़ी को उनके सिद्धांतों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
वक्ताओं ने धर्म, शक्ति और न्याय के संतुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों की गरिमा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।


