परी हत्याकांड पर पत्रकार परिषद का आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग — आंदोलन की चेतावनी
बस्ती में नाबालिग परी श्रीवास्तव की हत्या पर भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। मानव सेवा संघ ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए समर्थन जताया।
मानव सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव संजय कुमार ने दिया समर्थन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में नाबालिग बालिका परी श्रीवास्तव की नृशंस हत्या के विरोध में भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद द्वारा एक आपातकालीन ऑनलाइन बैठक (Zoom) आयोजित की गई। बैठक में परिषद के पदाधिकारियों ने इस घटना पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े किए।
बैठक की अध्यक्षता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मणि शंकर सिन्हा ने की। उन्होंने कहा कि इस गंभीर प्रकरण में दर्ज नामजद अभियुक्तों को थाना स्तर पर रिहा किया जाना कानून की मूल भावना और न्याय प्रक्रिया की मर्यादा के प्रतिकूल है। यह अधिकार केवल न्यायालय को है, न कि किसी पुलिस अधिकारी को। ऐसी स्थिति में पैकोलिया थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंकज भैया के प्रयासों की सराहना करते हुए अध्यक्ष मणि शंकर सिन्हा ने संघर्ष को सतत बनाए रखने के निर्देश भी दिए। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी जनांदोलन का स्वरूप ले सकता है।
इसी क्रम में भारत मानव सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव संजय कुमार ने भी परिषद के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल एक नाबालिग बालिका की हत्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की कसौटी का विषय है। यदि शासन-प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं दिखाई, तो मानव सेवा संघ इस जनहित के आंदोलन में पूर्ण सहयोग करेगा।
इस संयुक्त वक्तव्य के माध्यम से दोनों संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि
- संपूर्ण प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए
- दोषियों को कठोरतम दंड मिले
- एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाए।
परिषद ने यह भी अपील की कि मीडिया इस संवेदनशील विषय पर सजग और निष्पक्ष भूमिका निभाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज में विश्वास बहाल हो।


