दूसरे बंदियों की पर्ची पर मुलाकात कर रहे थे नवाब सिंह और नीलू!
सपा नेता बंदियों की आवभगत में नियम कानून भूल गए अफसर पुलिस की जांच में हुआ फर्जी मुलाकात का खुलासा
कन्नौज जेल प्रशासन का अजब गजब कारनामा
लखनऊ। रेप आरोपी सपा नेता और गैंगस्टर भाई की आवभगत के लिए कन्नौज जेल प्रशासन ने नियम और कानून को दरकिनार कर सुविधाएं मुहैया कराई। पर्ची किसी और की लगती थी और मुलाकात कोई और बंदी करता था। जिन बंदियों से मुलाकात की पर्ची लगती थी उनसे कोई मिलने ही नहीं आता था। यह सनसनीखेज खुलासा शिकायत के एसपी के निर्देश पर जांच करने गए सीओ सदर ने किया है। जांच के दौरान सीओ की बंदियों से की गई पूछताछ ने जेल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। अब जेल अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक रेप के आरोप में पुलिस ने सपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह और उनके गैंगस्टर भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सूत्रों का कहना है कि इन बंदियों के जेल में नियम और कानून को दरकिनार कर धड़ल्ले से मुलाकात कराई जा रही थी। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई। एसपी ने मामले की जांच सीओ सदर कमलेश कुमार को सौंपी। जांच के बाद सीओ ने बताया कि बीती आठ मार्च को जेल में मुलाकात के लिए जिन नामों की पर्ची और जिस बंदी से मुलाकात कराने की लिखापढ़ी मिली। उनसे पूछताछ तो पता चला उस दिन उन बंदियों से कोई मुलाकात करने आया ही नहीं था। इस मुलाकात के लिए जेल की तरफ से उन्हें कोई सूचना दी गई कि उनसे कोई मिलने आया है।
नवाब सिंह बांदा, नीलू कौशांबी जेल भेजे गए
अनाधिकृत तरीके से जेल के अंदर मुलाकात करने वाले रेप के आरोपी नवाब सिंह यादव और उनके भाई नीलू यादव को अन्यत्र जेलों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किए गए नवाब सिंह यादव को बांदा मंडलीय कारागार और नीलू यादव को कौशांबी जेल भेजा गया है। जेल अधीक्षक ने बंदियों के जेल स्थानांतरण की पुष्टि की है।
जांच में कहा गया है कि इससे स्पष्ट होता है कि जिन बंदियों से कोई मिलने नहीं आता है उनके नाम पर पर्ची लगाकर नवाब सिंह यादव और नीलू यादव की मुलाकात कराई जाती थी। नियमानुसार एक पर्ची पर तीन लोगों की मुलाकात कराए जाने का प्रावधान है। इससे दोनों भाइयों से बड़ी संख्या प्रतिदिन लोग मुलाकात करते थे। फर्जी तरीके से हो रही इस अवैध मुलाकात का खुलासा होने के बाद से जेल प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा है कि फर्जी पर्ची लगाकर मुलाकात जेल प्रशासन और पर्ची राइटर की साठगांठ के संभव नहीं हो सकती है। उधर इस संबंध में जब कन्नौज जेल अधीक्षक अकरम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह सब फर्जी है इसकी विस्तृत जांच हो रही है। जांच अधिकारी ने भी इसकी उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की बात कही है।


