गाजीपुर जिला जेल अधीक्षक निलंबित

गाजीपुर जेल में बंदी द्वारा अवैध रूप से मोबाइल इस्तेमाल करने के मामले में जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले जेलर राकेश वर्मा और महिला डिप्टी जेलर भी निलंबित हो चुके हैं। जांच में जेल के अंदर से फोन कॉल करवाने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। निलंबन के दौरान अधीक्षक को कारागार मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

गाजीपुर जिला जेल अधीक्षक निलंबित
जिला कारागार गाजीपुर
  • अधीक्षक विहिन हुई गाजीपुर और जौनपुर जिला जेल

  • अवैध पीसीओ संचालन और शिथिल नियंत्रण पर हुई कार्रवाई

लखनऊ। जेल में अवैध पीसीओ संचालन के मामले में गाजीपुर जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में पूर्व में जेलर राकेश वर्मा और महिला डिप्टी जेलर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। 

उल्लेखनीय है कि गाजीपुर की जेल में बंद बंदी द्वारा अवैध रूप से मोबाइल का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था। बंदी विनोद गुप्ता ने जेल से मोबाइल से कॉल की थी। चार मार्च को मामला सामने आया तो डीआईजी जेल से इसकी जांच कराई गई। जांच में जेल के अंदर से फोन कॉल करवाने की पुष्टि हुई। घटना की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में दर्जन भर बंदियों को प्रशासनिक आधार पर अन्यत्र जेलों पर स्थानांतरित किया गया है।

शासन की ओर से कारागार विभाग के संयुक्त सचिव के अधीक्षक के निलंबन आदेश में कहा गया है निलंबन अवधि के दौरान वह कारागार मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे। गाजीपुर जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह के निलंबन के साथ गाजीपुर और जौनपुर जिला जेल अधीक्षक विहिन हो गई। गाजीपुर जेल अधीक्षक के पास जौनपुर जेल का अतिरिक्त प्रभार भी था।